स्मार्टफ़ोन सिक्योरिटी के लिए क्यों अहम है टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन

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डेटिंग वेबसाइट एश्ले मैडिसन के प्राइवेट डाटा हैक होने और उसके लीक हो जाने की खबर के बाद से ही स्मार्ट मोबाइल फ़ोन यूजर के मन में फ़ोन की सिक्योरिटी को लेकर खतरे की घंटी बज गयी है और यह फ़िक्र होना जायज भी है क्योकि मोबाइल फ़ोन के अंदर आपकी पर्सनल तस्वीरे,विडियो,पासवर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारीयां होती है।





अगर आप के मन में भी स्मार्टफोन की सिक्योरिटी को लेकर ऐसा डर सता रहा है तो आपके एंड्रॉयड फ़ोन और टैबलेट के लिए ऑथेंटिकेटर ऐप्स बेहतर और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है। ऑथेंटिकेटर मोबाइल फोन के साथ-साथ बहुत से ऐप्स को सिक्योरिटी देता है।



आपके स्मार्टफोन डिवाइस ऑथेंटिकेशन सबसे उपयुक्त रहेगा। गूगल ऑथेंटिकेटर डाउनलोड होने के बाद यह एसएमएस के ज़रिए कोड भेजता है। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग गूगल,ऐपल,एवरनोट,ड्रॉपबॉक्स,ट्विटर,फेसबुक,माइक्रोसॉफ्ट,अमेज़न गेमिंग,फाइनेंस,ईमेल को सिक्योरिटी देने के लिए भी कर सकते है।





आपको बता दे जिस तरह ऑनलाइन शॉपिंग और नेट बैंकिंग की सुविधा बढती जा रही है वैसे वैसे टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सिक्योरिटी के लिहाज से बहुत जरूरी होता जा रहा है।

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